प्रकृति

 

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प्रकृति: अंतर्राष्‍ट्रीय वृत्तचित्र महोत्‍सव
प्रकृति एक प्रतिष्ठित वृत्तचित्र फिल्म महोत्सव है, जिसका आयोजन शैक्षिक संचार संकाय (सीईसी), नई दिल्ली द्वारा किया जाता है। इसे 26 मई, 1997 को आयोजित शासी निकाय की 7वीं बैठक में प्रदान की गई स्वीकृति के पश्चात प्रारंभ किया गया। प्रारंभ में गैर-प्रतिस्पर्धात्मक मंच के रूप में परिकल्पित यह महोत्सव समय के साथ एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन के रूप में विकसित हुआ है, जिसका आयोजन प्रतिवर्ष भारत के विभिन्न स्थानों पर किया जा रहा है। यह महोत्सव वृत्तचित्र फिल्म निर्माताओं को अपनी कृतियों को प्रदर्शित करने तथा समसामयिक सामाजिक एवं पर्यावरणीय विषयों पर दर्शकों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करने के लिए गतिशील मंच प्रदान करता है।
प्रथम प्रकृति फिल्म महोत्सव का आयोजन 17 से 19 दिसंबर, 1997 तक इंस्टीट्यूट ऑफ कैमिकल टैक्नोलॉजी तथा सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, हैदराबाद में ईएमआरसी हैदराबाद के सहयोग से किया गया। तत्पश्चात, महोत्सव को पुणे, भोपाल, गोवा, पुदुच्चेरी (2008), जोधपुर (2010), त्रिपुरा (2011), मैसूर (2012), कालीकट (2014), कोलकाता (2015), चंडीगढ़ (2017), चैन्नई (2019), मैसूर (2021), मदुरै (2022), अहमदाबाद (2023) तथा जोधपुर (2024) सहित भारत के विभिन्न शहरों में आयोजित किया गया। इस महोत्सव का नवीनतम संस्करण फरवरी, 2026 में जम्मू विश्वविद्यालय, जम्मू एवं कश्मीर में आयोजित किया गया।
प्रत्येक संस्करण में वृत्तचित्र फिल्मों का चयनित संकलन प्रस्तुत किया जाता है, जिसका चयन प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल द्वारा किया जाता है। फिल्म निर्माताओं, निर्माताओं अथवा उनके प्रतिनिधियों को दर्शकों के साथ संवादात्मक सत्रों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है, जिससे इन फिल्मों में उठाए गए विषयों एवं मुद्दों पर सार्थक चर्चा को बढ़ावा मिलता है।
प्रकृति महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य पर्यावरण, विकसित भारत, स्वच्छ भारत, स्वदेशी ज्ञान एवं सांस्कृतिक पारिस्थितिकी, युवा पहल एवं नेतृत्व तथा एक भारत श्रेष्ठ भारत (विविधता में एकता) जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जनसहभागिता को प्रोत्साहित करना है। इसी दृष्टिकोण के अनुरूप, राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान से संबंधित पहलों एवं कथानकों को विशेष रूप से रेखांकित करने के उद्देश्य से वर्ष, 2018 में एक समर्पित ‘स्वच्छ भारत’ श्रेणी का शुभारंभ किया गया।
अपने फिल्म प्रदर्शन एवं संवादात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से, प्रकृति फिल्म महोत्सव का उद्देश्य दर्शकों को संवेदनशील बनाना, संवाद को प्रोत्साहित करना तथा सूचित नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देना है, जिससे एक अधिक जागरूक एवं उत्तरदायी समाज के निर्माण में योगदान दिया जा सके।
प्रकृति फिल्म महोत्सव ने विस्तार करते हुए समानता, नैतिकता एवं पारिस्थितिकी के शैक्षिक पहलुओं से जुड़े विषयों को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए एक विस्तृत मंच उपलब्ध कराया है। वर्ष, 2018 में, महोत्सव ने प्रतियोगितात्मक स्वरूप अपनाया और इसका विस्तार भारत से बाहर दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र तक किया। इस विस्तार का उद्देश्य महत्वपूर्ण सामाजिक एवं पर्यावरणीय मुद्दों को व्यापक वैश्विक स्तर पर प्रमुखता प्रदान करना तथा इनके प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देना है।
वर्तमान परिस्थितियों में पारिस्थितिकी, सामाजिक समरसता एवं स्वदेशी ज्ञान में हो रहे परिवर्तनों तथा समकालीन समाज में प्रचलित विभिन्न प्रासंगिक मुद्दों को सुदृढ़ रूप से रेखांकित करने के उद्देश्य से प्रकृति अंतर्राष्ट्रीय वृत्तचित्र फिल्म महोत्सव के विषयगत दायरे का विस्तार पर विचार-विमर्श और सहमति व्यक्त की गई। इस संबंध में एक अवधारणा-पत्र 31 जुलाई, 2026 को आयोजित 55वीं शासी निकाय की बैठक में प्रस्तुत किया गया, जिसमें समकालीन समाज में प्रासंगिक विषयों को निर्धारित किए जाने पर चर्चा और सहमति व्यक्त की गई। इससे वर्तमान सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उजागर करने तथा हितधारकों के बीच जागरूकता प्रसारित करने का अवसर प्राप्त होगा। शासी निकाय ने निम्नलिखित छह विषयों को नामांकित किया, जो मानव समाज के कल्याण एवं प्रगति की दृष्टि से अधिक प्रासंगिक हैं।
  • (i) पर्यावरण
  • (ii) विकसित भारत
  • (iii) स्वच्छ भारत
  • (iv) स्वदेशी ज्ञान एवं सांस्कृतिक पारिस्थितिकी
  • (v) युवा पहल एवं नेतृत्व
  • (vi) एक भारत श्रेष्ठ भारत (विविधता में एकता)

यात्रा प्रावधान:
शासी निकाय ने पुरस्कार विजेताओं के लिए इकोनॉमी क्लास की हवाई यात्रा की सुविधा को भी अनुमोदित किया, जो सीईसी-यूजीसी शैक्षिक फिल्म महोत्सव के पुरस्कार विजेताओं को प्रदान की जाने वाली सुविधा के अनुरूप है।

पुरस्कार विवरण:
प्राप्त वृत्तचित्र फिल्मों का मूल्यांकन प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल द्वारा किया जाएगा। निर्णायक मंडल प्रत्येक प्रविष्टि का सघनतापूर्वक मूल्यांकन तथा उपर्युक्त छह श्रेणियों के अंतर्गत प्रदर्शन हेतु वृत्तचित्र फिल्मों का चयन करेगा। प्रत्येक श्रेणी में एक या एक से अधिक उत्कृष्ट वृत्तचित्र फिल्मों का चयन सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र फिल्म पुरस्कार के लिए किया जाएगा, जिसमें निम्नलिखित शामिल होंगे:-
  • • नकद पुरस्कार: ₹50,000/-
  • • ट्रॉफी
  • • प्रमाण-पत्र
टिप्पणी:
  • • किसी भी श्रेणी में यदि संयुक्त विजेता होते हैं, तो पुरस्कार राशि को समान रूप से विभाजित किया जाएगा।
  • • केवल प्रदर्शन हेतु चयनित (पुरस्कार हेतु नहीं) वृत्तचित्र फिल्मों को केवल प्रदर्शन प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।

आयोजक:
शैक्षिक संचार संकाय (सीईसी) भारत के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा वर्ष 1993 में स्थापित एक अंतर-विश्वविद्यालय केंद्र (आईयूसी) है। सीईसी ने उत्कृष्ट शैक्षणिक पद्धतियों, टेलीविजन के श्रव्य-दृश्य माध्यम तथा अत्याधुनिक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के नवीनतम रुझानों का उपयोग करते हुए भारत की उच्च शिक्षा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने का बीड़ा उठाया है। भारत के विभिन्न भागों में स्थित 20 शैक्षिक मल्टीमीडिया अनुसंधान केंद्र (ईएमआरसी), व्यक्तिगत अधिगम एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने हेतु बहुमाध्यम-समृद्ध एवं आईसीटी-सक्षम शैक्षिक वातावरण के निर्माण की सीईसी की संकल्पना को कार्यान्वित करने के लिए कार्यरत हैं। सीईसी गैर-तकनीकी स्नातक (यूजी) एवं स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर के वृहद मुक्त ऑनलाइन (मूक्स) पाठ्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय समन्वयक है। ये पाठ्यक्रम बहुविषयक एवं बहुभाषी तथा भारत के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों के सहयोग से तैयार किए जाते हैं।
इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में निहित उद्देश्यों के अनुरूप, सीईसी उच्च गुणवत्ता वाली परिणाम-आधारित शिक्षा को सभी के लिए, किसी भी समय और कहीं भी सुलभ बनाने का दायित्व निर्वहन कर रहा है।


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