
पीएच.डी., एमबीए, एमटीएम
आचार्य(डॉ.) परिक्षित सिंह मनहास वर्तमान में निदेशक, शैक्षिक संचार संकाय (सीईसी), नई दिल्ली के पद पर कार्यरत हैं। इससे पूर्व द बिजनेस स्कूल तथा स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज़्म मैनेजमेंट, जम्मू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे हैं। वे जम्मू एवं कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (जेकेबीओएसई) के पूर्व अध्यक्ष तथा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवंप्रशिक्षण परिषद जम्मू एवं कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश (एससीईआरटी-जेकेयूटी) के पूर्व निदेशक भी रह चुके हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने रेक्टर, उधमपुर परिसर, जम्मू विश्वविद्यालय तथा स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज़्मम मैनेजमेंट, जम्मू विश्वविद्यालय के निदेशक के रूप में भी सेवाएं प्रदान की हैं। वे ईस्ट कैरोलाइना यूनिवर्सिटी, अमेरिका के सहयोग से जम्मू विश्वविद्यालय में संचालित ग्लोबल अंडरस्टैंडिंग पाठयक्रम के समन्वयक तथा यूजीसी–इनोवेटिव प्रोग्राम के समन्वयक भी रहे हैं।
आचार्य मनहास सीईओ एवं प्रवर्तक निदेशक, यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू स्पेशल पर्पज व्हीकल फाउंडेशन (धारा 8 के अंतर्गत स्थापित कंपनी) तथा निदेशक, यूनिवर्सिटी बिजनेस इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर, जम्मू विश्वविद्यालय के पदों पर भी सेवाएं प्रदान कर चुके हैं। इससे पूर्व वे राष्ट्रीय नवाचार एवं स्टार्टअप नीति के समन्वयक तथा संस्थान नवाचार परिषद, जम्मू विश्वविद्यालय (नवाचार प्रकोष्ठ, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की पहल) के अध्यक्ष भी रहे हैं। उन्होंने डीन, फैकल्टी ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज़्म मैनेजमेंट, महाराजा रणजीत सिंह पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय, बठिंडा (पंजाब) के रूप में कार्य किया है तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के क्रियान्वयन हेतु जम्मू एवं कश्मीर सरकार द्वारा गठित कार्यबल के सदस्य भी रहे हैं।
वर्तमान में आचार्य मनहास यूएनडब्ल्यूटीओ संबद्ध सदस्य कार्य समूह (पर्यटन एवं संस्कृति समन्वय) की आयोजन समिति के सह-प्रमुख हैं। सीईडी– वर्ल्ड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर डेस्टिनेशंस (यूएनडब्ल्यूटीओ– संबद्ध सदस्य) के क्षेत्रीय निदेशक (एशिया एवं पूर्वी यूरोप) तथा टोटल सिनर्जी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीएससीपीएल) के सलाहकार भी हैं। ऑस्ट्रेलिया–इंडिया इंस्टिट्यूट, नई दिल्ली के फेलो, कॉमर्स मैनेजमेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएमएआई) के अध्यक्ष तथा जम्मू एवं कश्मीर राज्य पर्यटन सलाहकार बोर्ड (माननीय मुख्यमंत्री जम्मू एवं कश्मीर की अध्यक्षता में) के सदस्य भी रह चुके हैं।
आचार्य मनहास विज़िटिंग प्रोफेसर, टेलर्स स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी, टूरिज़्म एंड कलिनरी आर्ट्स, टेलर्स यूनिवर्सिटी, मलेशिया तथा मानद विज़िटिंग प्रोफेसर, अटल बिहारी वाजपेयी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (एबीवीएसएम एंड ई) भी रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एमिरेट्स अकादमी ऑफ हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट (ईएएचएम), दुबई, यूनाईटेड अरब एमिराट्ट (यूएई), झुबानोव स्टेट यूनिवर्सिटी, अक्तोबे (रिपब्लिक ऑफ कजाखस्तान), बश्किर स्टेट यूनिवर्सिटी, ऊफ़ा (रूस) तथा ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिज़नेस, ईएसएएन यूनिवर्सिटी, लीमा (पेरू) में भी विज़िटिंग प्रोफेसर के रूप में शिक्षण सेवाएं प्रदान की हैं।
आचार्य परिक्षित ने जम्मू विश्वविद्यालय से ब्रांड पोज़िशनिंग स्ट्रेटेजीज़ विषय में पीएच.डी. उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने एमबीए, जम्मू विश्वविद्यालय से तथा पर्यटन प्रबंधन में स्नातकोत्तर, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (ईग्नू), नई दिल्ली से किया है। वर्ष 2001 से इंटरनेट मार्केटिंग, ब्रांड प्रबंधन, गंतव्य प्रबंधन, नवाचार एवं विपणन प्रबंधन जैसे विषयों का स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर तथा पर्यटन अनुसंधान एवं विकास का पीएच.डी. एवं शोधार्थियों को अध्यापन कर रहे हैं। उनकी शोध रुचियों में पर्यटन, मनोरंजन एवं आतिथ्य प्रबंधन, शिक्षा एवं विपणन, सतत एवं उत्तरदायी पर्यटन, ब्रांड प्रबंधन, पोस्ट-कंफ्लिक्ट पर्यटन एवं शांति निर्माण रणनीतियां (पुन: प्रवर्तन पर्यटन), फ़िल्म-प्रेरित पर्यटन एवं गंतव्य विपणन सम्मिलित हैं।
आचार्य मनहास को वर्ष 2016 में बुडापेस्ट (हंगरी) में आयोजित यूरो सीएचआरआईई सम्मेलन के दौरान इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी एजुकेशन रिसर्च में उप-विजेता का सम्मान प्राप्त हुआ। उन्हें यूके–इंडिया एजुकेशन एंड रिसर्च इनिशिएटिव (यूकेआईईआरआई) के अंतर्गतवर्ष 2015 एवं 2017 में प्रमुख परियोजनाएं- परियोजना प्रमुख के रूप में प्राप्त हुईं। वे कॉमनवेल्थ फेलो (2014), हंगेरियन फैकल्टी रिसर्च फेलो (2013), शास्त्री इंडो–कनाडियन फेलो (2009) रह चुके हैं तथा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई), भारत सरकार द्वारा प्रदत्तकरियर अवार्ड फॉर यंग टीचर (सीएवाईटी), 2009 से सम्मानित किए गए हैं। उन्हें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) तथा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) द्वारा भी प्रमुख शोध परियोजनाएं प्रदान की गई हैं।
डॉ. परिक्षित हंगरी के केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के जर्नल रीजनल स्टैटिस्टिक्स, एशिया-पैसिफिक जर्नल ऑफ इनोवेशन इन हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज़्म (टेलर्स यूनिवर्सिटी, मलेशिया) सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं की संपादकीय परिषद के सदस्य हैं। वे जर्नल ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज़्म एजुकेशन (जेएचटीई), जर्नल ऑफ मैनेजमेंट एंड सस्टेनेबिलिटी, जर्नल ऑफ हॉस्पिटैलिटी, टूरिज़्म केसेस (जेएचटीसी) ऑफ इंटरनेशनल काउंसिल ऑन होटल्स, रेस्टोरेंट्स एंड इंस्टीट्यूट्शनल एजुकेशन (आईसीएचआरआईई) तथा ट्यूरिज्म एजुकेटर्स एसोसिएशन ऑफ मलेशिया (टीईएएम)-जर्नल ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज़्म के भी संपादकीय बोर्ड सदस्य रह चुके हैं।
वे टेलर्स यूनिवर्सिटी, मलेशिया के सेंटर फॉर रिसर्च एंड इनोवेशन (सीआरआईटी) की सलाहकार परिषद के सदस्य (2016–2018) रहे हैं। इसके साथ ही एशिया पैसिफिक काउंसिल ऑन होटल, रेस्टोरेंट एंड इंस्टीट्यूशनल एजुकेशन (एपीएसीसीएचआरआईई) के बोर्ड सदस्य भी रहे हैं। इसके अतिरिक्त, वे इंटरनेशनल काउंसिल ऑन होटल, रेस्टोरेंट एंड इंस्टीट्यूशनल एजुकेशन (आईसीएचआरआईई) की अनुसंधान समिति एवं शिक्षा समिति के सदस्य रहे हैं। आचार्य मनहास विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के बोर्ड ऑफ स्टडीज के सदस्य रहे हैं। साथ ही अखिल भारतीय आतिथ्य एवं पर्यटन प्रबंधन बोर्ड (एआईबी-एचटीएम), एआईसीटीई के सदस्य भी रह चुके हैं। उन्होंने 10 पुस्तकों का लेखन तथा उनके 150 से अधिक शोध-पत ्र प्रतिष्ठित जर्नल, संपादित पुस्तकों एवं सम्मेलन कार्यवृत्तों में प्रकाशित हो चुके हैं।
आचार्य (डॉ.) परिक्षित सिंह मनहास
दूरभाष: +91-011-24126421-22
ईमेल: director[dot]cec[at]nic[dot]in












